भारतीय दंड संहिता १८६०,धारा ४,धारा ५,अतिरिक्त प्रादेशिक अपराधों पर संहिता का विस्तार

Posted  on 2015-11-16
Video for Download and View   Indian Penal Code 1860 in Hindi android app demo.webm

Indian Penal Code,1860 in Hindi भारतीय दंड संहिता १८६० हिंदी में

धारा ४ :
अतिरिक्त प्रादेशिक अपराधों पर संहिता का विस्तार :
इस संहिता के उपबंध निम्नलिखित व्यक्तीयों के अपराधों को अधिन है-
(१)भारत से बाहर और परे किसी स्थान में भारत के किसी नागरिक द्वारा किए गए अपराध को लागू है;
(२) भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी जहाज या विमान पर, चाहे वह कहीं भी हों, किसी व्यक्ती द्वारा किए गए किसी अपराध को भी लागू है।
१(३)भारत से बाहर और परे किसी स्थान में कोई व्यक्ती भारत में स्थित किसी कम्प्यूटर साधन को लक्ष्य करते हुए किया अपराध ।
(१ सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, २००८(सन् २००९ क्र.१०) की धारा ५१(क)(आय) द्वारा स्थापित(दि. २७-१०-२००९ से प्रभावशील)
स्पष्टीकरण: इस धारा में--
(अ)"अपराध" शब्द के अन्तर्गत भारत से बाहर किया गया ऐसा हर कार्य, जो यदि भारत में किया जाता तो, इस संहिता के तहत दण्डनीय ;
(ब)"कम्प्यूटर साधन" का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम,२००० की धारा २ की उपधारा (१) के खण्ड (के) में समनुदिष्ट है।


धारा ५ :
कुछ विधियों पर यह अधिनियम प्रभाव नहीं करता है :
इस संहिता के अधिनियम में भारत सरकार के सेवा के अफसरों,सैनिको, नौसैqनको या वायुसैनिकों द्वारा विद्रोह और अभित्यजन(कर्तव्य छोडकर भागना)
को दण्डीत करने वाले किसी अधिनियम के उपबंधों, या किसी विशेष या स्थानिय विधि कें उपबंधों, पर प्रभाव नही करता है।

Indian Penal code in Hindi Android app link